About Shaheed Pramod

सेना मेडल से सम्मानित वीरगति प्राप्त अमर शहीद प्रमोद का जन्म मुज़फ़्फ़रपुर जिला अन्तर्गत कुढ़नी प्रखण्ड के माधोपुर सुस्ता गाँव मे 11 जनवरी 1975 को हुआ | स्वभाव से सरल एवं मृदुल माता श्रीमती दौलती देवी की ममता एवं कम पढ़े-लिखे पेशे से किसान पिता - श्री बिन्देश्वर राय की कर्मठता ने बच्चो को अच्छे संस्कारों से सींचा | भोला सिंह उच्च विद्यालय, पुरुषोत्तम पुर एवं रीतलाल सुरदीप यादव महाविद्यालय से इंटर तक की पढ़ाई पूरी करने के बाद रामदयालु सिंह महाविद्यालय से स्नातक कि शिक्षा पुरी की | भारतीय सेना मे कार्यरत अपने ही बाड़े भाई श्री श्यामनन्दन यादव से प्रेरित होकर सन 1996 मे देश की रक्षा का संकल्प लेकर सेना मे शामिल हुए | सन 1999 मे जब छलपुर्वक पाकिस्तानी सेना ने भारतीय क्षेत्र मे घुसपैठ कर कब्जा कर लिया था, उस समय इनका पदस्थापन कारगील के द्रास सेक्टर मे था | पाकिस्तान के इस कायराना हरकत का मुँहतोड़ जवाब देने का काम प्रथम बिहार रेजीमेंट को सौपा गया | इस जवाबदेही को पुरा करने का संकल्प लेकर मेजर श्रवणानन्द के साथ प्रमोद सहित सेना की एक टुकड़ी 26 मई 1999 को युद्ध के लिये रवाना हुई | भारतीय सेना की इस टुकड़ी ने अदम्य साहस एवं बेहतरीन युद्ध कौशल का परिचय देते हुए पाकिस्तानी घुसपैठिए को काफी पीछे तक धकेल दिया | इसी दौरन 30 मई 1999 को पाकिस्तानीयो ने अपना हमला तेज कर दिया, जिसमे मेजर श्रवनानन्द एवं प्रमोद सहित सेना के चार जवान शहीद हो गए |

Director Message

शिक्षा सीखने-सिखाने की एक निरंतर प्रक्रिया है | इसका इतिहास इतना पुराना है जितना मानव इतिहास | तथापि शिक्षा कैसी हो, किस प्रकार भावी पीढी को अच्छी शिक्षा दी जाए यह हमेशा से चिंतन एवं खोज का विषय रहा है | आज देश का प्रबुद्ध जनमानस शिक्षा के प्रति गंभीर है, सामान्य जनता के बीच भी शिक्षा को लेकर जागरुकता बढी है तथा सरकारी प्रयास से भी शिक्षा को प्रत्येक बच्चे तक पहुँचाने की कोशिश की जा र्ही है लेकिन आज भी जब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का सवाल हमारे सामने आता है तब ऐसा महसूस होता है कि "बहुत दुर चलना है मंजिल से पहलॆ" |

वीरगति प्राप्त अपने अनुज शहीद प्रमोद की शहादत को हमारे चैतन्य समाज एवं कृतज्ञ राष्ट्र ने जो सम्मान दिया, उसे मै आजीवन भुल नही सकता | इस अमर शहीद की याद में मुजफ्फरपुर के प्रबुद्ध लोगों ने "कारगिल शहीद प्रमोद सेवा समिती " के नाम से एक स्वयंसेवी संस्था की स्थापना की, जिसके द्वारा आई0 टी0 आई0 कॉलेज सहित कई शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाएँ स्थापित की गई है | इसी की अगली कड़ी के रुप में NCTE-ERC भुवनेश्वर से मान्यता प्राप्त कर शहीद प्रमोद बी0 एड0 कॉलेज को स्थापित किया है जो कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-प्रशिक्षण को लक्शय बनाकर कार्यरत रहेगा | यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त कर छात्राध्यापक एवं छात्राध्यापिकाएँ शिक्षा के क्ष‍‍‍ॆत्र में अपना व्यक्तिगत विकास तो करेंगे ही, साथ ही दृढ संकल्पित होकर शिक्षा के माध्यम से समाज एवं राष्ट्र के नवनिर्माण के प्रति भि समर्पित रहेंगे | जात-पात, धर्म-सम्प्रदाय क भेद-भव भुलकर यदि हम शिक्षा को सेवा का माध्यम बनाते हैं तो यही अमर शहीद प्रमोद के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजली होगी |

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The VISION

To enrich the trainees with the best of knowledge and skills along with the latest updates, so that they can be easily fit into groove of the highly competitive global scenario and can create a niche for their own in the field of education.

The GOAL

  • To open up brighter vistas for trainees.
  • To impart hi-tech, world class state of art quality education and training.
  • To produce passionate enthusiastic teacher with a human touch and love.
  • To make our mark in the future growth of the teaching personnel of the nation.

The MISSION

  • To impart value based teaching education and develop personalities of the budding teachers.
  • To enable them to face the ever changing and highly demanding environs of the education confidently.